Hey, I am on Matrubharti!

vkumar

उनकी नही थी। खता सब
गलत समझ बैठे।
वो मुहबबत से बात
करते थे।
घर वाले पयार समझ बैठे।

एक ही समझने वाली थी मुझे अब बो भी समझदार हो गई😪

तेरे न होने से जिंदगी मै इतनी सी कमी रहती है मैं चाहो लाख मुसकुराऊ इन आखों मे नमी रहती है।

एक आँसू जो गिरता है तो लोग हजार सबाल पूछते है ऐ बचपन लौट आ फिर से मुझे खुल कर रोना है
बिनीत

💔💔💔💔

हर हर महादेव

लगा कर आग सीने मे चले हो तुम कहा अभी तो राख उडने दूँ
तामासा और भी होगा
👇
बिनीत कुमार

vineet kumar

na tum dor jana
na ham dor jaynge
apne apne hisse ki dosti nibhayge

vineet kumar shirivastav