Hey, I am reading on Matrubharti!

खामोशी के घर में शोर बहुत मचा हुआ है,

क्या दस्तूर है जमाने का ,.... दोस्त

यहा हर किसी ने अपना दरवाज़ा बंद रखा हुआ है.

Vidya padvi

Read More

मेरे ही शहेर ने मुझे गुमराह कर दिया है ,....

लगता है...! किसने मेरे शहेर पर कब्जा कर लिया है.

-Vidya padvi

सफर बहुत छोटा था तुम्हारे साथ बेशक,..
मगर,...
यादगार बन गये 'तुम' जिंदगी भर के लिए.

ગજબની હોય છે અમુક જિંદગીની 'ક્ષણો'
જેને આપણે માત્ર ક્ષણ માનીને જ જિંદગી કાઢવાની હોય છે.?

सच्चाई से वाकिफ नहीं है वो नादान अभी,

खामोश सिर्फ इस लिए हूँ कि, उसे खुद से ही नफरत ना हो जाए.