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कर्म पथ पर - 68
by Ashish Kumar Trivedi

            ‌                            कर्म पथ पर                ...

तेरे शहर के मेरे लोग - 16
by Prabodh Kumar Govil

( सोलह )सोशल मीडिया पर अब मेरी सक्रियता कुछ बढ़ने लगी थी। दुनिया के मेले में कई लोग आपकी निगाहों के सामने आते थे, आपके दायरे में आते थे, आपके ...

आधी दुनिया का पूरा सच - 29 - अंतिम भाग
by Dr kavita Tyagi

आधी दुनिया का पूरा सच (उपन्यास) 29. लाली ने शिकायत करते हुए रानी से कहा - "हर दम तेरे ही साथ रहती हूँ ! थोड़ी देर के लिए भी ...

ज़िन्दगी की धूप-छाँव - 11
by Harish Kumar Amit

ज़िन्दगी की धूप-छाँव हरीशं कुमार ’अमित' हिसाब दफ़्तर में उसकी बगलवाली सीट पर बैठनेवाली सहकर्मी रोज़ाना के वक़्त से आधा घंटा देर से आई. उसने गौर से उसे देखा. ...

मेरे घर आना ज़िंदगी - 7
by Santosh Srivastav

मेरे घर आना ज़िंदगी आत्मकथा संतोष श्रीवास्तव (7) मेरे लिए मेरे जीवन में आया एक एक व्यक्ति भविष्य के लिए मेरी आँखें खोलता गया फिर चाहे आँखें उससे मिले ...

यारबाज़ - 5
by Vikram Singh

यारबाज़ विक्रम सिंह (5) खुराक एक छोटा सा बाजार था। बाजार में बहुत ज्यादा दुकानें तो नहीं थी बस एक आध फर्नीचर की दुकान ,खाद की दुकान , किराना ...

30 शेड्स ऑफ बेला - 5
by Jayanti Ranganathan

30 शेड्स ऑफ बेला (30 दिन, तीस लेखक और एक उपन्यास) Episode 5 by Poonam Jain पूनम जैन अतीत में घूमता मन ऋषिकेश, गंगा का घाट। यहाँ आकर उसे लगा ...

बना रहे यह अहसास - 1
by Sushma Munindra

बना रहे यह अहसास सुषमा मुनीन्द्र 1 घटना सिर्फ एक बार घटती है जब अपनी प्रामाणिकता में वस्तुतः घट रही होती है। वही घटना स्मृति में बार-बार घटती है। ...

लिखी हुई इबारत - 5
by Jyotsna Kapil

9 - दंड                       गाड़ी से उतरकर , बहुत आत्म विश्वास के साथ धीरज ने अपना चेहरा मोबाइल की स्क्रीन  में देखा। नोटों से भरे हुए सूटकेस को हल्के से थपथपाया।आज ...

जोकर
by Vivek Mishra

   जो क र -  विवेक मिश्र   फिर मेट्रो आई रुकी और चली गई.   समय से घर पहुँचने का एक मौका आया,रुका और आँखों के सामने से सरकता चला ...

दुर्गेश जी का काव्य संग्रह
by Durgesh Tiwari

         (गाथा बुढ़िया माई का)चली आ रही बारात एक ओर,जिसमें लोगो की भीड़ जोड़ एक ओर।नाच रहा जोकर जोड़-२ एक ओर,थोड़ी देर में मची शोर जोड़ ...

आसमान में डायनासौर - 1
by राज बोहरे

आसमान में डायनासौर  1   बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे                यकायक हड़कंप सा मच गया था।                उड़नतश्तरियां ही उड़नतश्तरियां!!                आसमान भरा हुआ था उड़नतश्तरियों से।   ...

कब्रिस्तान
by Sohail Saifi

यह कहानी मेरे साथ घटी सत्य घटना पर आधारित है। कृपा इसको किसी भी प्रकार से कोई कल्पना ना समझें, जिन लोगों को मेरी कहानी पर विश्वास नहीं उन ...

एक अनोखा दिन
by Vinayak Potdar

आज सुबह से ही मैं बड़ी अच्छे मूड में थी। चाहे आज देर से उठी और तैयार होकर ऑफिस निकलने  के लिए देर होने वाली थी पर इससे मुझे ...

उजाले की ओर - 3
by Pranava Bharti

उजाले की ओर -- 3 ------------------   स्नेही एवं प्रिय मित्रों       सभीको मेरा नमन      यह संसार एक बहती नदिया है जिसमें सभीको हिचकोले खाने हैं ,कोई तैर ...

मेरा सहेरा सजेगा मां के हाथ
by Saroj Prajapati

आज मधु जी का पूरा घर फूलों की सजावट व उनकी खुशबू से महक रहा था। घर में रिश्तेदारों की चहल-पहल थी और पकवानों की खुशबू चारों ओर बिखरी ...

हर बार वो
by Afzal Malla

हर बार वो (कहानी नही है ये है सच्चाई)हर बार वो पल्लू क्यों संभालेतुम कभी अपनी नजरे संभाल लोहर बार वोही घर क्यों संभालेकभी तुम हाथ बटा लिया कारोहर ...

जीवन की कहानियां - एक नई यात्रा ?
by राकेश सोहम्

एक नई यात्रा  दिसम्बर की स्याह सर्द रात प्रकृति के कोने-कोने में पसर चुकी थी । उसने अपने आप को गर्म शाल के अंदर गठरीनुमा बांध लिया था । रेल्वे प्लेटफार्म ...

दरवाज़ा
by Priya Vachhani

अलार्म की आवाज से नीना चौक कर उठी और झट से अलार्म बंद किया ताकि ललित की नींद खराब हो जाए । धीरे से उठ वह कमरे से बाहर ...

मिखाइल: एक रहस्य - 15 - महान अकबर का मकबरा २
by Hussain Chauhan

43 मिनट की छोटी मुसाफरी के बाद फ़ारूक़ और भैयाजी सिम्बोर में शैलेश मज़मुदार के स्थान पर पहुंच चुके थे। लेकिन बदकिस्मती से उन दोनों के अलावा उस खाली ...

समय यात्रा.. - 1
by Uma Vaishnav

                सुप्रिया को किताबें और नॉवल पढ़ने का शौक होता है, एक दिन उसे एक कूरियर मिलता है, उस पर भेजने वाले का नाम नहीं लिखा होता है,सुप्रिया सोचती ...

गवाक्ष - 18
by Pranava Bharti

गवाक्ष 18== "आपको भी संगीत व नृत्य सीखने की आज्ञा नहीं थी, फिर आप कैसे इस कला में प्रवीण हो गईं?आप क्या छिपकर इस कला का अभ्यास करती हैं?""तुम बहुत ...

पूर्णता की चाहत रही अधूरी - 20 - अंतिम भाग
by Lajpat Rai Garg

पूर्णता की चाहत रही अधूरी लाजपत राय गर्ग बीसवाँ अध्याय नीलू को कॉलेज आये अभी एक हफ्ता ही हुआ था कि एक दिन जब शाम को वह हॉस्टल पहुँची ...

उर्वशी - 21
by Jyotsna Kapil

उर्वशी ज्योत्स्ना ‘ कपिल ‘ 21 उसका रक्तचाप बढ़ रहा था। खाना पीना लगभग न के बराबर रह गया था। चूँकि वह किसी से अपने मन की बात नहीं ...

आलेख - 102 नॉट आउट
by Shakuntala Sinha

      आलेख - 102 नॉट आउट    हमारे यहाँ कुछ दिनों पहले एक फिल्म आयी थी 102 नॉट आउट  . इस फिल्म में बॉलीवुड के दो महान ...

अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे - भाग 26
by Mirza Hafiz Baig

अब तक आपने पढ़ा... “तुम्हे क्या हुआ है?” व्यापारी ने आश्चर्य से पूछा, “अभी तो कथा में हृदय विदारक पल आयेंगे। तब तुम क्या करोगे?”“मुझे अपनी पत्नि की याद ...

दह--शत - 24
by Neelam Kulshreshtha

दह--शत [ नीलम कुलश्रेष्ठ ] एपीसोड --24 “तुम अठ्ठाइस साल पुरानी हो गयी हो तुम इन बातों को क्या समझो? मुझमें सच ही कुछ है।” अभय उनकी भाषा व ...

वो भूली दास्तां, भाग-१०
by Saroj Prajapati

आकाश हॉस्पिटल पहुंचते ही सीधा डॉक्टर के पास गया। उसे देखते ही डॉक्टर ने कहा "आइए आकाश जी मैं आपका ही इंतजार कर रहा था। " "डॉक्टर आज मैं ...

आधी दुनिया का पूरा सच - 28
by Dr kavita Tyagi

आधी दुनिया का पूरा सच (उपन्यास) 28. प्रसव के एक सप्ताह पश्चात् रानी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी । अस्पताल से छुट्टी होने के बाद अपने घर ...

2 MAD PART 9
by Varun S. Patel

           हेल्लो दोस्तो तो केसे हो आप लोग। मे फिरसे हाजिर हु आप सब के बिच आपकी अपनी सबसे मजेदार नवलकथा को लेकर जीसमे प्यार, ...