*ढूंढा करोगे हर किसी में मुझको,देखना वो मंजर भी आएगा* *हम याद भी बहुत आएंगे और आँखों में समंदर भी आएगा*

Saara din uska khyaal, saari raat uski yaadein....
.
Mujhe to mohbbat meri gunaho ki saza lagti hai..

*अच्छी लगने लगी है ये खामोशिया अब हमें...*

*किसी को जवाब देने का सिलसिला खत्म हो गया...*
??

*इतनी भी जल्दी क्या है रूठने की*

*किस्मत में तो तुम वैसे भी नहीं हो*

*खोकर फिर तुम हमें पा ना सकोगे*

*हम वहां मिलेंगे जहां तुम आना सकोगे*

परिदें तो सब समझदार है मेरे मुल्क के..

यहां बेटियों को वहशी दरिदों से खतरा है...?

वो कितना मेहरबान था हम पर की हज़ारो ग़म दे गया

हम कितने खुदगर्ज थे की कुछ न दे सके मोहब्बत के सिवा?❤

*मेरी नाराज़गी का कोई वजूद नहीं है किसी के लिए,*

*मुझ जैसे लोग अक्सर यूँ ही भुला दिए जाते हैं कभी-कभी,*

Ek Hi Baat Musalsal Dimag Me Chalti Hai ___

Kya Woh Bhi ___ Mujh Se Bichhad Kar Raat Bhar Tadapta Hoga ?? :'(

ख़्यालो में भटक जाना , तेरी यादों में खो जाना

बहुत ही महंगा पड़ा है मुझको , सितमगर तेरा हो जाना.?

सिर्फ दो लाईन ही तो लिखती हूँ..

कहाँ असर कर पाती होंगी तुम पर...!!!

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