Full story of my life...._ myself a half writer...

मुद्दतों बाद आज मैंने खुद को जाना,
कहां मै, और कहां ये बेदर्द जमाना..


✍️Satyendr@

असुर सोच से भू- प्रकंपित,
सच्चाई और धर्म आतंकित..

अब मैं इस बेदर्द दुनिया के सितम कुछ इस तरह भुला लेता हूं,
भरकर धूल अपनी मुट्ठी में उसे हवा में जोर से उड़ा देता हूं....

✍️Satyendr@

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तेरी ख्वाहिशें पूरी करते करते सारी ज़िन्दगी तुझपे गवा दी,
तू बड़ा हो गया इसलिए तूने अपने बड़प्पन की धाक जमा दी,
अरे जरूरत थी तुझे तब उंगली पकड़ के चलना सिखाया था,
और आज उन्हें तेरी जरूरत हुई तो तूने उन्हें लाठी थमा दी....

today's true....

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उनकी आंखों का जादू मुझ पे आज फिर चल गया,
मुझे तड़पाने का मौका उन्हें इक बार फिर मिल गया,
उन्होंने निकालकर किताब से वो सूखा हुआ गुलाब,
रूखे से सुर्ख लबों से जो लगाया वो फिर खिल गया..

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कोई आग, कोई पानी,
कमबख्त कोई मुझसे हवा कहता है,

जिसने आजतक मुझसे मोहब्बत ना कि
वो शख्स मुझे बेवफ़ा कहता है..

✍️satyendr@

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इक उम्र रह सकूं"दोस्तों"नज़र में ऐसा कोई दिल हो तो बताना,

हर महीने ये किराए के मकान बदलते-बदलते परेशान हो गया हूं..

✍️ सत्येंद्र कुमार

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रोना चाहते हैं हम मगर रों नहीं सकते,

वो मेरा हैं मगर हम उसके हो नहीं सकते,

सोना है हमे की ख़्वाब आयेंगे उसके..

मगर हाल ये है कि हम सो नहीं सकते...

@सत्येंद्र कुमार ✍️

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हर यकीन के बाद फिर से,
मै खुद को यकीन दिलाता हूं..
उसे आजमाता हूं मैं और,
फिर से उसे आजमाता हू...

✍️Satyendr@

छोड़ कर जमीन आसमान पर जाना हो गया,
कोई पूछे तो कह देना सत्येंद्र परवाना हो गया,