इज्ज़ते, शोहरते, उल्फ़ते, चाहते सबकुछ इस दुनिया में रहता नहीं, आज मैं हूँ जहाँ कल कोई और था, ये भी एक दौर है, वो भी एक दौर था....

CoPy..

CoPy...

CoPy...

जिन्हें कोई खामोश ना कर सका
आज खुद से ही वो हो गया खामोश..

अब किससे अपना अता पता पूँछे..?
राहबर चुप है और रास्ता खामोश..

फ़ितरत में उनकी है खामोशी
अज़ल से है वो आइना खामोश..

कहनी थी वो बात भी कह दी
और कहने को मै रहा खामोश..

गैर की आग जला ना सकी कभी
अपने ही शोलें ने कर दिया खामोश..

जिंदगी हर वक़्त चेहरे बदलती रही
आइना फिर भी देखता रहा खामोश...

ना जाने क्या बात करने वाला था पर..
उसकी नजरों ने कर दिया खामोश..

जो सहारा था मेरी ही नजरों का
आज वो दीया भी हो गया खामोश..

बस अपनी जुल़्फो को यूं ही खुली रखना
वरना हो जाएगी ये फ़जा खामोश..

बेगम को जरा सी चोट क्या आई
हो गया नग़मए - वफा खामोश..

@अजनबी

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ગુરૂમા......